पटना: बिहार में जिन बिजली उपभोक्ताओं के पास स्मार्ट मीटर है वे अपनी जेब ढीली करने के लिए तैयार रहें। राज्य में एक अप्रैल से बिजली की कीमत 'टाइम ऑफ डे' (टीओडी) सिस्टम के आधार पर तय होगी। इसमें स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं को शाम को अधिक मांग के समय महंगी बिजली मिलेगी। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।
क्या है 'टाइम ऑफ डे' सिस्टम?
ऊर्जा विभाग के सचिव मनोज कुमार सिंह ने बताया कि 'टीओडी' व्यवस्था के तहत बिजली की दरें खपत के समय के अनुसार बदलती हैं। अधिक मांग के समय दरें अधिक और कम मांग के समय कम रहती हैं। आदेश के अनुसार, राज्य के उपभोक्ताओं को दिन के समय बिजली उपयोग पर अधिकतम 20 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी।
बिहार विद्युत विनियामक आयोग (BERC) ने बिजली वितरण कंपनियों नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड और साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड की मांग पर इस योजना को मंजूरी दी है।
दिन को तीन अवधि में बांटकर होगी बिलिंग
बीईआरसी ने दिन को तीन अवधियों में विभाजित किया है। इसके मुताबिक सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक कम खपत वाला समय तय किया गया है जबकि शाम पांच बजे से रात 11 बजे तक अधिक खपत वाला समय माना जाएगा। रात 11 बजे से सुबह नौ बजे को सामान्य अवधि माना जाएगा।
- शाम 5 बजे से रात 11 बजे तक (10 फीसदी अतिरिक्त शुल्क)
- सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक (20 फीसदी की भारी छूट )
- रात 11 बजे से सुबह 9 बजे तक (सामान्य दर)
क्या होंगी बिजली दरें?
आदेश के मुताबिक, ग्रामीण (डीएस-1) और शहरी (डीएस-2) श्रेणी के स्मार्ट प्रीपेड मीटर वाले घरेलू उपभोक्ताओं को कम मांग के समय 7.42 रुपये प्रति यूनिट के आधार दर पर 20 प्रतिशत की छूट मिलेगी, जिससे बिजली की प्रभावी दर 5.94 रुपये प्रति यूनिट हो जाएगी। वहीं, अधिक मांग अवधि में 10 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क के साथ दर 8.16 रुपये प्रति यूनिट हो जाएगी, जबकि सामान्य अवधि में 7.42 रुपये प्रति यूनिट की दर लागू रहेगी। राज्य में लगभग 87 लाख उपभोक्ता स्मार्ट प्रीपेड मीटर का उपयोग कर रहे हैं।